आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध धर्मांतरण के काले खेल को लेकर पुलिस की जांच में एक बेहद डरावना और अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंडिकेट सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे के बाद रिमांड पर लिए गए चार मुख्य आरोपियों ने पूछताछ में जो राज उगले हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस गैंग के तार न केवल पाकिस्तान से जुड़े हैं, बल्कि इसकी फंडिंग का केंद्र दिल्ली का शाहीन बाग इलाका बताया जा रहा है।
पाकिस्तान कनेक्शन और विदेशी फंडिंग
रिमांड पर आए आरोपी तलमीज, जाशिक, परवेज अख्तर और हसन ने पुलिस को बताया कि इस पूरे गैंग को विदेशों से लगातार आर्थिक मदद मिल रही थी। फंडिंग के साक्ष्य सीधे तौर पर पाकिस्तान और खाड़ी देशों से जुड़े हैं। पुलिस को शक है कि इस धन का उपयोग गरीब और मासूम युवाओं के ‘ब्रेनवॉश’ और धर्मांतरण के लिए किया जा रहा था।
शाहीन बाग से कश्मीर तक फैला जाल
जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट के तार दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैले हुए हैं। दिल्ली, राजस्थान और कई अन्य राज्यों में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं ताकि इस नेटवर्क की पूरी चेन को तोड़ा जा सके। अब तक इस मामले में कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
साक्ष्यों के लिए फिर से कस्टडी रिमांड की तैयारी
आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल्स और अन्य गुप्त दस्तावेजों की बरामदगी के लिए आगरा पुलिस ने कोर्ट में दोबारा कस्टडी रिमांड की अर्जी दी है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है जो इस वैश्विक नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं।
सदर पुलिस की बड़ी कामयाबी
आगरा की सदर पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह गैंग केवल धार्मिक परिवर्तन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली गहरी साजिश भी हो सकती है।