वाशिंगटन/नई दिल्ली | अमेरिका के नवनियुक्त विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी आगामी भारत यात्रा से ठीक पहले दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को लेकर एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक बयान दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) द्वारा आधिकारिक पुष्टि किए जाने के बाद, मार्को रुबियो इसी सप्ताह के अंत में नई दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। भारत रवाना होने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक ताकत की सराहना करते हुए उसे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताया है।
“भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और हम सबसे पुराने” — मार्को रुबियो
अपनी नई दिल्ली यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के साझा मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “जैसे-जैसे अमेरिका अपनी स्वतंत्रता का ऐतिहासिक 250वां जन्मदिन मनाने की भव्य तैयारियां कर रहा है, हम इस गौरवमयी उत्सव को भारत में अपने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर मनाने के लिए बेहद उत्सुक हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हम (अमेरिका) दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र हैं। हम दोनों महान राष्ट्र इस ऐतिहासिक अवसर को साथ मिलकर मनाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
इसी सप्ताह के अंत में शुरू होगी हाई-प्रोफाइल दिल्ली यात्रा
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा, व्यापार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी रणनीतिक सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से तय किया गया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ के वैश्विक प्रचार के लिए नई दिल्ली को एक मुख्य केंद्र के रूप में चुना जाना यह साफ दिखाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की राजनीतिक और कूटनीतिक अहमियत कितनी तेजी से बढ़ी है।
सैन्य और आर्थिक समझौतों पर रहेगी पूरी दुनिया की नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रुबियो की इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच कई बड़े रक्षा सौदों और अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के हस्तांतरण पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके साथ ही, मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) के ताजा हालातों और वैश्विक आर्थिक संकटों के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक वैश्विक भू-राजनीति की दिशा तय करने में बेहद अहम साबित होगी।