हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहगीरों से हथियारों के बल पर लूटपाट करने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के 04 मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
तमंचे के दम पर की थी स्कूटी, मोबाइल और पर्स की लूट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस गैंग के बदमाशों ने हाल ही में एक राहगीर को रास्ते पर घेरकर उसके साथ मारपीट की थी और अवैध तमंचे के दम पर उसकी स्कूटी, कीमती मोबाइल, पर्स और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पीड़ितों की शिकायत पर हरिद्वार पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी।
फर्जी नंबर प्लेट का खेल हुआ बेनकाब, हथियार भी बरामद
“ऑपरेशन प्रहार” के तहत गठित विशेष पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से चारों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से:
- लूट की गई स्कूटी, मोबाइल फोन और पर्स बरामद हुआ।
- वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देसी तमंचा, जिंदा कारतूस और एक तेज धारदार चाकू भी जब्त किया गया।
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शातिर बदमाशों ने पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए लूटी गई स्कूटी पर एक फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी और बेखौफ होकर घूम रहे थे। पुलिस की पैनी नजर ने उनके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
हरिद्वार पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ लूट, जालसाजी (फर्जी नंबर प्लेट लगाने) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल रिकॉर्ड) को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने क्षेत्र में ऐसी कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है।