नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के नवनियुक्त पाँच न्यायाधीशों को एक गरिमापूर्ण समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन नई नियुक्तियों के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में जजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण को बल मिलेगा।
इन पाँच न्यायाधीशों ने ली पद की शपथ
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पद की शपथ लेने वाले पाँच नए न्यायाधीशों में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के प्रतिष्ठित न्यायाधीश और बार से एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। इन न्यायाधीशों के नाम इस प्रकार हैं:
- जस्टिस शील नागू
- जस्टिस श्री चंद्रशेखर
- जस्टिस संजीव सचदेवा
- जस्टिस अरुण पाली
- जस्टिस वी. मोहना (वरिष्ठ अधिवक्ता)
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना ने रचा इतिहास
इस पूरे शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना की नियुक्ति विशेष रूप से आकर्षण और गर्व का केंद्र रही। उन्होंने सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। इस ऐतिहासिक नियुक्ति के साथ ही वे जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद देश के न्यायिक इतिहास में सीधे बार (वकील) से सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने वाली दूसरी महिला अधिवक्ता बन गई हैं।
विधिक जगत में खुशी की लहर
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और कानूनी जगत से जुड़ी तमाम बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश और अन्य सहकर्मियों ने सभी नवनियुक्त न्यायाधीशों को बधाई और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। कानून के जानकारों का मानना है कि इन नई नियुक्तियों, विशेषकर महिला प्रतिनिधित्व में इस ऐतिहासिक वृद्धि से भारतीय न्यायपालिका का ढांचा और अधिक सुदृढ़ व समावेशी होगा।