सितारगंज। सिडकुल स्थित किशनपुर रेंज के जंगल में खैर के पेड़ों का अवैध कटान कर लकड़ी की तस्करी करने वाले लोगों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार तड़के तीन बजे हुई कार्रवाई में विभाग ने 22 खैर की गिल्टें के साथ दो तस्करों को मौके से दबोच लिया, जबकि तीन तस्कर मौके से फरार हो गए। वहीं, विभाग ने इस कार्रवाई में पिकअप और तीन बाइक को भी सीज किया है।
वन विभाग को रविवार रात सूचना मिली कि सिडकुल क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट से खैर के पेड़ों का अवैध कटान कर लकड़ी को बाहर भेजा जा रहा है। सूचना पर रेंजर घनानंद चनियाल ने टीम के साथ सोमवार तड़के करीब तीन बजे सिडकुल स्थित लाओपाला कंपनी के पास घेराबंदी कर नाकाबंदी की। इस दौरान टीम ने रास्ते पर जब एक संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह भाग निकला। इस पर विभाग ने पिकअप का पीछा कर उसे घेर कर रोक लिया। तलाशी लेने पर टीम को पिकअप वाहन से 22 खैर की गिल्टियां बरामद हुई। टीम ने चालक उकरौली निवासी सचिन दिवाकर और उसका साथ धौराडाम, नजीमाबाद निवासी गुरी सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।जबकि मुख्य आरोपी पिपलिया निवासी सोनू सहित धौराडाम निवासी रामू और बबलू अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। वहीं, विभाग ने लकड़ी, पिकअप वाहन और तस्करी में प्रयुक्त तीन बाइक को सीज कर दिया।
इधर, रेंजर घनानंद चनियाल ने बताया कि सिडकुल की ग्रीन बेल्ट में खैर के पेड़ों का अवैध कटान करने की सूचना मिली थी। जिस पर कार्रवाई कर 22 खैर की गिल्टें, एक पिकअप महान और तीन बाइक को सीज किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी समेत तीन लोग फरार हो गए। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। इस कार्रवाई में वन दरोगा संजय कुमार, प्रकाश सिंह राणा, रवि लटवाल, मोहम्मद इरशाद, सतेंद्र, किशन तिवारी, संदीप कुमार, भुवन तिवारी, इरशाद चौहान और वासुदेव मंडल शामिल रहे।