पीलीभीत। ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को विशेष एवं प्रेरणादायक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम के लंदन निवासी साइकिलिस्ट और आर्कियोलॉजिस्ट माइल्स ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अपनी साइकिल यात्रा के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए और उन्हें जीवन को किताबों से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से समझने के लिए प्रेरित किया।
माइल्स ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से लंदन से भारत तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। उनकी लगभग एक वर्ष लंबी यात्रा का अंतिम पड़ाव ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में होगा। वर्तमान में वह दिल्ली से नेपाल के पोखरा की ओर साइकिल से आगे बढ़ रहे हैं।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने उनकी यात्रा, अलग-अलग देशों की संस्कृति, लोगों और रास्ते में आने वाली चुनौतियों को लेकर कई सवाल पूछे। माइल्स ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सहजता से जवाब देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न संस्कृतियों, लोगों और परिस्थितियों से मिलने वाला अनुभव बेहद जीवंत होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किताबों से मिलने वाला ज्ञान महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव व्यक्ति की समझ को और व्यापक बनाता है। यात्रा और नए स्थानों से जुड़ने से लोगों को अलग-अलग संस्कृतियों को समझने तथा जीवन को नए नजरिए से देखने का अवसर मिलता है।
डिजिटल युग का जिक्र करते हुए माइल्स ने विद्यार्थियों को अधिक समय स्क्रीन पर बिताने के बजाय शारीरिक और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल, यात्रा, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रबंध निदेशक देवेंद्र सिंह छाबड़ा ने माइल्स का गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं प्रधानाचार्या पूजा छाबड़ा ने आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की। विद्यार्थियों के लिए यह संवाद सत्र नए अनुभवों, विचारों और प्रेरणा से भरपूर रहा और आयोजन उनके लिए यादगार बन गया।