राजीव गुप्ताः एक ऐसा नाम: जो मरकर भी सैकड़ों की सांसों में जिंदा रहेगा

सितारगंज की सुबह आज एक ऐसी खबर के साथ हुई जिसने हर किसी को झकझोर कर दिया।अपनों के लिए लड़ने वाले और अनजानों के लिए अपना खून तक समर्पित कर देने वाले राजीव गुप्त अब हमारे बीच नहीं रहे। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष और रक्तदान समिति के संस्थापक राजीव गुप्ता ने आज सुबह लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।

राजीव गुप्ता महज एक नाम नहीं, बल्कि एक ’उम्मीद’ का नाम था। जब भी किसी लाचार परिवार को खून की जरूरत होती, तब सबसे पहला नाम राजीव गुप्ता और उनकी रक्तदान समिति का ही सामने आता था। उन्होंने न केवल खुद अनगिनत बार रक्तदान किया, बल्कि सैकड़ों युवाओं को इस पुनीत कार्य से जोड़कर एक मानवीय फौज खड़ी कर दी। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने व्यापारियों के हितों की पैरवी की और उनके मान-सम्मान के लिए सक्रिय रहे।

उनके निधन की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधि उनके योगदान को याद कर रहे हैं और इसे समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया। राजीव गुप्ता जी के सेवा कार्य, विशेष रूप से रक्तदान के क्षेत्र में, हमेशा याद किए जाएंगे। उनके प्रयासों से हजारों लोगों को समय पर रक्त मिल सका और उनका जीवन बचाया जा सका।

आधुनिक दुनिया परिवार दिवगंत राजीव गुप्ता जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पिता परमेश्वर से विनती करता है कि वे दिवगंत आत्मा को अपने श्रीचरणों में यथायोग्य स्थान देवें तथा उनके परिवार को इस पहाड़ जैसी विपत्ति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ऊं शांति, शांति, शांति…

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