सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)। उत्तराखंड के सितारगंज अंतर्गत शक्तिफार्म क्षेत्र से विवाहित महिलाओं के उत्पीड़न और क्रूरता का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और जबरन नशीली दवा खिलाकर दो माह का गर्भ गिराने (गर्भपात) का बेहद संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता द्वारा महिला हेल्पलाइन में की गई लिखित शिकायत और काउंसलिंग के बाद, सितारगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शक्तिफार्म के ग्राम देवनगर निवासी सोनिया सिकदार का विवाह 9 मई 2024 को दिनेशपुर के ग्राम शिवपुर निवासी विक्रम सिकदार के साथ संपूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था। पीड़िता सोनिया का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बीतने के बाद से ही उसके पति विक्रम सिकदार, ससुर गोलक सिकदार और सास पार्वती सिकदार कम दहेज का ताना मारते हुए अतिरिक्त रुपयों और सामान की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर तीनों उसे बेरहमी से मारते-पीटते और मानसिक रूप से यातनाएं देते थे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति आदतन शराबी है और अक्सर नशे में धुत होकर उसके साथ हिंसक व्यवहार करता था। क्रूरता की हदें पार करते हुए पति ने उसे धोखे से कोई नशीली दवा खिला दी, जिससे उसका दो महीने का गर्भ गिर गया।
पीड़िता सोनिया ने अपने पति पर एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध होने का भी गंभीर आरोप लगाया है। सोनिया का कहना है कि जब उसने अपने पति के इस अनैतिक रिश्ते और हरकतों का विरोध किया, तो पूरे ससुराल पक्ष ने एकजुट होकर उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। आरोपियों ने उसे बेरहमी से पीटने के बाद जान से मारने की खुली धमकी दी और दहेज की मांग पूरी न होने की स्थिति में उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया। बेघर होने के बाद पीड़िता ने कानून की शरण ली और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर पति सहित तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की गहनता से वैज्ञानिक व विधिक विवेचना की जा रही है।