ललितपुर | उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्वशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में हुए बड़े फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे दिल का डॉक्टर (कार्डियोलॉजिस्ट) बनकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले मुख्य आरोपी अभिनव सिंह की फरार पत्नी लवीना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लवीना सिंह काफी समय से फरार चल रही थी और पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया था।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पाई थी नौकरी
यह पूरा मामला स्वशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (ललितपुर मेडिकल कॉलेज) का है, जहां आरोपी अभिनव सिंह ने फर्जी और जाली डिग्रियों व प्रपत्रों का इस्तेमाल कर कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में संविदा पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल और साजिश में उसकी पत्नी लवीना भी बराबर की हिस्सेदार थी। उसी ने फर्जी प्रपत्र तैयार कराने और सरकारी सिस्टम की आंखों में धूल झोंकने में अपने पति का पूरा साथ दिया था।
एसीएमओ (ACMO) की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इस हाई-प्रोफाइल जालसाजी का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) की लिखित तहरीर पर ललितपुर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही लवीना सिंह पुलिस को चकमा देकर छिप रही थी, जिसके बाद एसपी के निर्देश पर उस पर इनाम घोषित किया गया था।
घेराबंदी कर पुलिस ने किया अरेस्ट
ललितपुर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सटीक मुखबिर की सूचना और डिजिटल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर घेराबंदी कर फरार लवीना को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार महिला को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य कड़ियों और मददगारों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।