रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्र रुद्रप्रयाग जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहां विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ और उससे आगे चंद्रशिला चोटी के प्रसिद्ध ट्रेकिंग रूट पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) का भारी कहर टूटा है। इस अचानक हुए हादसे में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अभिनव वाजपेई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई । हादसे में उनका एक साथी भी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसका इलाज अस्पताल में जारी है।

चोटी पर अचानक बदला मौसम, काल बनकर गिरी बिजली
मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के रहने वाले युवाओं का एक दल उत्तराखंड के पहाड़ों पर ट्रेकिंग के लिए आया हुआ था। शुक्रवार को यह दल तुंगनाथ से आगे चंद्रशिला चोटी की तरफ बढ़ रहा था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश के साथ आसमान में तेज बिजली कड़कने लगी। इससे पहले कि दोनों युवक खुद को बचाने के लिए किसी सुरक्षित स्थान या शेल्टर की ओर भाग पाते, अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे उन पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना भीषण था कि 19 वर्षीय अभिनव वाजपेई की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।

SDRF का साहसिक रेस्क्यू: रात के अंधेरे में 10 किमी पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल
पहाड़ की इतनी ऊंचाई पर हुए हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की रतूड़ा टीम तुरंत एक्शन में आ गई। रात के घने अंधेरे, कड़ाके की ठंड और लगातार हो रही बारिश के बीच SDRF के जवानों ने बेहद दुर्गम और पथरीले रास्तों पर अपना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

चूंकि वहां गाड़ियों के जाने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए राहत टीम करीब 8 से 10 किलोमीटर का बेहद कठिन पहाड़ी मार्ग पैदल तय करके घटनास्थल पर पहुंची। जवानों ने बिना एक पल गंवाए गंभीर रूप से घायल युवक को स्ट्रेचर के माध्यम से पहाड़ी से नीचे उतारा और तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया।

परिजनों को दी गई सूचना
कठिन परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीम ने मृतक अभिनव वाजपेई के शव को भी मुख्य सड़क तक पहुंचाया और पंचनामा व पोस्टमार्टम की अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हादसे की जानकारी लखनऊ में रह रहे मृतक अभिनव के परिवार को दे दी गई है, जिससे घर में कोहराम मच गया है।

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