रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)। स्मार्टफोन और डिजिटल दौर में साइबर ठग मासूम नागरिकों को ठगने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। उत्तराखंड के रुद्रपुर से साइबर अपराध का एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ व्हाट्सऐप पर आए ‘आरटीओ (RTO) चालान’ के एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना एक व्यक्ति को बेहद भारी पड़ गया। लिंक खोलने के अगले ही दिन पीड़ित के यूको बैंक खाते से एक लाख दस हजार रुपये से अधिक की रकम साफ कर दी गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चालान समझकर खोला था व्हाट्सऐप लिंक
मूल रूप से वार्ड संख्या 10, ब्राह्मणों की ढाणी, चिड़ावा (सूरजगढ़, जिला झुंझुनू, राजस्थान) निवासी अनिल कुमार वर्तमान में रुद्रपुर के कस्तूरी वाटिका फेस-दो, बगवाड़ा में रहते हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में अनिल ने बताया कि बीती 10 अगस्त की रात उनके व्हाट्सऐप नंबर पर आरटीओ चालान के नाम से एक संदेश और संदिग्ध लिंक आया था। गाड़ी का वास्तविक चालान समझकर उन्होंने जैसे ही उस लिंक को खोला, साइबर ठगों ने उनके फोन का एक्सेस लेकर बैंक विवरण हासिल कर लिया।
एक झटके में गायब हुए 1,10,099 रुपये
अनिल कुमार के अनुसार, जब उन्होंने 12 अगस्त को अपना यूको बैंक खाता चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। खाते से कुल 1,10,099 रुपये गायब थे। बैंक से विस्तृत जानकारी जुटाने पर पता चला कि 11 अगस्त की शाम करीब साढ़े पांच बजे उनके खाते से यह रकम बेहद शातिर तरीके से ऑनलाइन ट्रांसफर कर निकाली गई थी।
पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
खाते से गाढ़ी कमाई उड़ने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस को मामले की लिखित शिकायत दी। पीड़ित ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी डूबी हुई रकम बरामद कराने की गुहार लगाई है। स्थानीय कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल अब ट्रांजैक्शन आईडी और संबंधित मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है।