वाशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए नवीनतम शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप का यह कड़ा रुख ऐसे समय में आया है जब लेबनान और इजरायल के बीच हिंसा ने भीषण रूप ले लिया है।
ट्रंप बोले- “ईरानी नेतृत्व बिखरा हुआ, शर्तें मंजूर नहीं”
ईरान ने मध्यस्थों के जरिए एक संशोधित प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ईरानी सरकारी मीडिया ने भी पुष्ट किया। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह प्रस्तावित शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने ईरान के वर्तमान नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘बिखरा हुआ’ (Disjointed) बताया। ट्रंप ने संकेत दिए कि जब तक शर्तें अमेरिका के पक्ष में नहीं होंगी, बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।
लेबनान में कत्लेआम: एक दिन में 30 की मौत
उधर, लेबनान में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी शहर टायर (Tyre) सहित कई नागरिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।
- मौतों का आंकड़ा: पिछले 24 घंटों में 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
- कुल तबाही: संघर्ष की शुरुआत से अब तक 2000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं।
- सीजफायर का उल्लंघन: पिछले महीने अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम समझौता अब पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है।
हिजबुल्लाह का पलटवार
इजरायली हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में आत्मघाती ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कई इजरायली सैनिकों के घायल होने की खबर है। हिजबुल्लाह का दावा है कि उसने इजरायली सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
कूटनीतिक गतिरोध और मानवीय चिंताएं
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस कूटनीतिक गतिरोध के कारण क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। मानवीय सहायता समूहों ने लेबनान में बढ़ते विस्थापन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, दवाइयों और सुरक्षित आश्रय की भारी कमी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियों की ओर देख रहा है ताकि तनाव को कम करने के लिए कोई ठोस रास्ता निकाला जा सके।