नई दिल्ली। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग ने फार्मा एवं मेडटेक में अनुसंधान एवं नवाचार प्रोत्साहन (PRIP) योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करने की दूसरी तिथि की घोषणा की है। ₹5,000 करोड़ के वित्तीय परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य देश के फार्मास्युटिकल और मेडटेक अनुसंधान एवं विकास पारितंत्र को मजबूत करना है।

योजना के माध्यम से स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) तथा बड़ी कंपनियों को नवाचार की मूल्य श्रृंखला में आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। PRIP पोर्टल पर आवेदन जमा करने की प्रक्रिया सितंबर 2026 के मध्य तक शुरू होने की संभावना है।

दो श्रेणियों में मिल सकेगी वित्तीय सहायता

योजना के तहत प्रारंभिक और बाद के चरण की परियोजनाओं के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

प्रारंभिक चरण की परियोजनाएं

प्रारंभिक चरण में स्टार्टअप और MSME की वे परियोजनाएं पात्र होंगी, जिनके उत्पाद या तकनीक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में TRL 1, 2 या 3 पर हैं और उन्हें TRL 5 से अधिक न होने वाले उच्च स्तर तक ले जाने का लक्ष्य है।

इन परियोजनाओं के लिए दो चरणों वाली प्रक्रिया होगी। शुरुआत संक्षिप्त कॉन्सेप्ट नोट से होगी और चयनित आवेदकों को इसके बाद विस्तृत आवेदन जमा करना होगा। पात्र MSME और स्टार्टअप स्वयं अथवा अपने नेटवर्क की संभावनाशील परियोजनाओं की ओर से इकोसिस्टम समर्थकों के माध्यम से कॉन्सेप्ट नोट प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस श्रेणी में प्रति परियोजना अधिकतम ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।

बाद के चरण की परियोजनाएं

बाद के चरण में उद्योग, स्टार्टअप और MSME की ऐसी परियोजनाएं पात्र होंगी, जो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में TRL 4, 5 या 6 पर मौजूद उत्पादों या तकनीकों को उच्चतर स्तर तक ले जाना चाहती हैं।

इन परियोजनाओं के लिए सीधे विस्तृत आवेदन किया जा सकेगा। इस श्रेणी में प्रति परियोजना अधिकतम ₹100 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। हालांकि यह सहायता स्वीकृत कुल परियोजना लागत के अधिकतम 35 प्रतिशत तक सीमित रहेगी और बाकी राशि आवेदक को सह-वित्तपोषित करनी होगी।

सितंबर के मध्य से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

आवेदन पत्र और योजना से संबंधित दिशा-निर्देश PRIP पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं। आवेदक योजना दस्तावेज, कॉन्सेप्ट नोट के लिए मार्गदर्शन, विस्तृत आवेदन संबंधी दिशानिर्देश, माइलस्टोन डिस्क्रिप्टर कैटलॉग, FAQ और एप्लीकेशन सपोर्ट टूलकिट का उपयोग कर सकते हैं।

PRIP के पहले चरण में परियोजना जमा कर चुके आवेदकों से कहा गया है कि वे उसी परियोजना को दोबारा जमा न करें। आवेदन संबंधी जानकारी के लिए विभाग ने सपोर्ट ईमेल भी जारी किया है।

AI और नई चिकित्सा तकनीकों को भी प्राथमिकता

PRIP योजना में फार्मास्युटिकल अनुसंधान के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे उभरते क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य विश्वस्तरीय अनुसंधान अवसंरचना विकसित करने के साथ योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना भी है।

योजना के तहत उद्योग और स्टार्टअप को व्यवहार्य उत्पादों के व्यावसायीकरण की दिशा में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। मेडटेक मित्र, पेटेंट मित्र और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसी पहल विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने में मदद करेंगी।

इन क्षेत्रों को दी गई प्राथमिकता

PRIP योजना के अंतर्गत प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल हैं—

1. नई औषधियां: नई रासायनिक औषधियां और पदार्थ, जिनमें नई रासायनिक इकाई (NCE), नई जैविक इकाई (NBE) और पादप-औषधीय पदार्थ शामिल हैं।

2. जटिल जेनेरिक और बायोसिमिलर: जटिल जेनेरिक दवाओं और बायोसिमिलर से संबंधित अनुसंधान एवं नवाचार।

3. नवीन चिकित्सा उपकरण: ऐसे चिकित्सा उपकरण जिन्हें पहले CDSCO द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है। इनमें AI/ML आधारित चिकित्सा उपकरण, सॉफ्टवेयर ऐज ए मेडिकल डिवाइस (SaMD), सॉफ्टवेयर इन मेडिकल डिवाइस (SiMD), आनुवंशिक तकनीक वाले डायग्नोस्टिक एवं स्क्रीनिंग उपकरण, रोबोटिक चिकित्सा उपकरण, टेलीमेडिसिन सुविधाओं वाले उपकरण और बायोमार्कर आधारित नए इन-विट्रो डायग्नोस्टिक उपकरण शामिल हैं।

2023 में शुरू हुई थी PRIP योजना

फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PRIP योजना वर्ष 2023 में शुरू की गई थी। इसका व्यापक उद्देश्य देश में फार्मा और मेडटेक क्षेत्र के अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देकर नए उत्पादों और तकनीकों के विकास तथा उनके व्यावसायीकरण की संभावनाओं को मजबूत करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi