सितारगंज। डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) सितारगंज बीएस धौनी ने बताया कि प्रसूता की मौत की सूचना मिली है और पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर भी दी गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए गठित हुई विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने मामले की जांच के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित की है। समिति में सीएमएस काशीपुर डॉ. संदीप दीक्षित, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता त्रिपाठी और एसएमओ डॉ. सुधीर गुप्ता को शामिल किया गया है।
सीएमओ ने कहा कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी नानकमत्ता सीएचसी से अटैच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने घटना के समय अस्पताल में तैनात चिकित्सक और दो नर्सिंग अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सीएचसी नानकमत्ता से अटैच कर दिया है। इनमें डॉ. रिजवान अहमद, नर्सिंग अधिकारी रूमा नाज और रेखा शील शामिल हैं। सभी को जांच में पूर्ण सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि प्रसूता की डिलीवरी सही हुई थी। लेकिन, देर रात अचानक प्रसूता को ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी। अस्पताल स्टाफ ने प्रसूता को हर संभव उपचार दिया। किन्तु अस्पताल में ब्लड न होने के कारण प्रसूता को अन्यंत्र ले जाया गया। सीएचसी स्टाफ ने प्रसूता को हायर सेंटर रेफर किया था। लेकिन, जल्दी उपचार और ब्लड मिल सके, इसलिए प्रसूता को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां, निजी अस्पताल प्रंबधन ने प्रसूता को उपचार देने में असमर्थता जताई जिसपर परिजन रूद्रपुर ले जा रहे थे कि प्रसूता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही प्रसूता की मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद गांव तिलियापुर में नम आंखों के बीच प्रसूता का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग शामिल हुए।