नई दिल्ली | राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। यह पुरस्कार देश भर के उन चुनिंदा नर्सिंग कर्मियों को दिया गया जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में असाधारण सेवा, साहस और समर्पण का परिचय दिया है।

नर्सिंग कर्मियों की भूमिका स्वास्थ्य सेवा में सर्वोपरि: राष्ट्रपति
पुरस्कार वितरण के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि नर्सिंग कर्मी समाज में सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, “नर्सिंग प्रोफेशनल करुणा और अथक समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा करते हैं। वे अक्सर सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

पुरस्कार का गौरवशाली इतिहास
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 1973 में की गई थी। यह सम्मान उन नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों को दिया जाता है जिनकी सराहनीय सेवाएं समाज के लिए मिसाल बनती हैं।

मुख्य बिंदु:

  • अवसर: अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (12 मई)।
  • स्थान: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
  • सम्मान: स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार।
  • संदेश: मानवता की सेवा और रोगी देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान।

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