देहरादून (नथुवावाला)। उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और वहां राष्ट्रवादी गतिविधियों को धार देने के उद्देश्य से सीमा जागरण मंच का 40वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। नथुवावाला में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र जी ने बॉर्डर क्षेत्र के महत्व और वहां के युवाओं व महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बॉर्डर क्षेत्र के युवा बनें ‘सुरक्षा प्रहरी’
अपने संबोधन में डॉ. शैलेंद्र जी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा केवल सेना का ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से बॉर्डर क्षेत्र में राष्ट्रवादी गतिविधियों को बढ़ाने में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. शैलेंद्र ने युवाओं को ‘सुरक्षा प्रहरी’ के रूप में मंच से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि गांवों में आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन ही सीमाओं को और अधिक अभेद्य बनाएगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का सम्मान
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र जी ने सीमावर्ती जनपदों से आए विशिष्ट नागरिकों को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सीमाओं पर डटे रहने वाले ये लोग ही राष्ट्र के असली प्रहरी हैं।

बॉर्डर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने पर बल
मंच के प्रदेश संगठनकर्ता आशीष वाजपेयी जी ने भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों में ‘सीमा विमर्श’ और ‘सीमा दर्शन’ जैसी संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बॉर्डर सुरक्षा को एक जन आंदोलन बनाना समय की मांग है।
इन गणमान्य हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में रक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें प्रमुख रूप से:
- कर्नल अजय कोठियाल
- कर्नल महावीर प्रोफेसर
- सामार्थ खन्ना
- मितेश सेमवाल
- डॉ. दीपक भट्ट
- क्षेत्रीय पार्षद स्वामी डोभाल

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र रक्षा के संकल्प और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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