देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट (धमाका) हो गया। इस भीषण हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे 3 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो गई और आसपास का इलाका धुएं के गुबार से भर गया।

भारी मात्रा में रखे बारूद ने धारण किया विकराल रूप

स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर के भीतर भारी मात्रा में कच्चा बारूद और तैयार पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था। अचानक हुए एक धमाके के बाद बारूद ने तुरंत आग पकड़ ली, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री में काम करने वाले ज्यादातर श्रमिक बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं।

प्रशासनिक अमला और आला अधिकारी मौके पर मौजूद

हादसे की सूचना मिलते ही उज्जैन संभाग के संभागायुक्त (कमिश्नर) आशीष सिंह और देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने आधिकारिक रूप से दो मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिसके बाद मलबे को हटाने और राहत व बचाव कार्य (सर्च ऑपरेशन) को तेजी से चलाया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गहरा दुख, आर्थिक सहायता की घोषणा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे को अत्यंत हृदय विदारक और दुखद बताया है। मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने और राहत कार्यों की सीधे निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि (आर्थिक सहायता) देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल हुए सभी श्रमिकों को सर्वश्रेष्ठ और पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) इलाज मुहैया कराया जाए। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी या मानकों के उल्लंघन के कारण यह बड़ा हादसा हुआ।


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