देवरिया। देवरिया के नव नियुक्त जिलाधिकारी (DM) दिव्य मित्तल मधुसूदन हुल्गी का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है। बरहज से कलेक्ट्रेट वापस लौटते समय जिलाधिकारी ने सड़क पर एक बीमार बच्चे को बेबस हालत में देखा। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी को रुकवाया और उस मासूम बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाने के कड़े निर्देश दिए।
सोनूघाट चौराहे पर थमा जिलाधिकारी का काफिला
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी बरहज क्षेत्र का दौरा कर वापस मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) की ओर लौट रही थीं। जैसे ही उनका काफिला सोनूघाट चौराहे के पास पहुंचा, उनकी नजर सड़क किनारे एक बीमार बच्चे पर पड़ी। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएम ने तत्काल अपनी गाड़ी रुकवा दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देकर बच्चे को तुरंत एम्बुलेंस या सरकारी वाहन के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, ताकि उसका इलाज समय पर शुरू हो सके।
रास्ते में रुककर सुनीं आम जनता की समस्याएं
सोनूघाट चौराहे पर रुकने के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद आम नागरिकों और राहगीरों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही लोगों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। इसके साथ ही डीएम ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के कामकाज का जमीनी स्तर पर फीडबैक भी लिया।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।