​पीलीभीत। जनपद के थाना गजरौला क्षेत्र के ग्राम दियोरा में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक खूंखार तेंदुए और ग्रामीणों के बीच सीधा संघर्ष देखने को मिला। खेतों में काम कर रहे किसानों पर तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला बोल दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लाठियों और कपड़े की मदद से तेंदुए की घेराबंदी कर उसे खुद ही दबोच लिया। हालांकि, इस हिंसक संघर्ष में पांच किसान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीम तैनात है।
​साहस और संघर्ष की कहानी
ग्रामीणों के अनुसार, वे सुबह खेतों में दवा का छिड़काव करने गए थे, तभी वहां छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। अफरा-तफरी के माहौल के बीच ग्रामीणों ने भागने के बजाय एकजुट होकर तेंदुए का मुकाबला किया। सैकड़ों की तादाद में ग्रामीणों ने तेंदुए को घेर लिया और अपनी जान जोखिम में डालकर कपड़े और लाठियों के सहारे उसे जमीन पर दबाकर पकड़ लिया। इस बीच सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर पिंजरे में कैद किया और रेंज ऑफिस ले गई, जहां विशेषज्ञों की देखरेख में उसका परीक्षण किया जा रहा है।
​पांच किसान घायल, अस्पताल में भर्ती
तेंदुए के हमले और उसे पकड़ने की जद्दोजहद में पांच किसान बुरी तरह लहूलुहान हुए हैं। घायलों की पहचान अंकित (25) पुत्र कृष्णपाल, धनपाल (48) पुत्र पूरनलाल, ख्याली राम (45) पुत्र सेवाराम, गुरलाल (30) पुत्र गुरमुख और सोनू (28) पुत्र कड़े राम के रूप में हुई है। सभी घायल ग्राम दियोरा के निवासी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
​वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में दो तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना कल शाम ही विभाग को दे दी गई थी, लेकिन टीम समय पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध ली होती, तो आज यह बड़ा हादसा टल सकता था। वर्तमान में गांव में दहशत का माहौल है और किसानों ने डर के मारे खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है।
​अधिकारियों का पक्ष
वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे दियोरा गांव में दो तेंदुओं की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा घेराबंदी करने के दौरान डर की वजह से तेंदुए ने हमला किया, जिसमें पांच लोग घायल हुए हैं। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। दुधवा से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है, जिसके परीक्षण के बाद तेंदुए को पुनः प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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