तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम के लिए नकली घी की आपूर्ति से जुड़े देश के बड़े घोटालों में से एक में CBI के नेतृत्व वाली एसआईटी (SIT) ने अपनी अंतिम चार्जशीट दाखिल कर दी है।
नेल्लोर की ACB कोर्ट में पेश इस विस्तृत दस्तावेज़ में निम्नलिखित चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं:
मुख्य आरोपी और मिलीभगत: 15 महीने की जांच के बाद दाखिल इस चार्जशीट में 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें उत्तराखंड की भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर (पोमिल और विपिन जैन), TTD के पूर्व कर्मचारी और डेयरी विशेषज्ञ शामिल हैं।
बिना दूध-मक्खन के घी की सप्लाई: जांच में पाया गया कि मुख्य सप्लायर भोले बाबा डेयरी ने 2021 से 2024 के बीच दूध या मक्खन की एक बूंद भी नहीं खरीदी, फिर भी मंदिर को लगभग 68 लाख किलोग्राम घी की सप्लाई कर दी।
करोड़ों का घोटाला: सप्लाई किए गए इस नकली घी की कुल कीमत लगभग ₹250 करोड़ थी।
सिंथेटिक ‘घी’ का मिश्रण: रिपोर्ट के अनुसार, यह ‘घी’ शुद्ध नहीं था, बल्कि पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और औद्योगिक वसा (Industrial Fat) का मिश्रण था, जिसे रसायनों के माध्यम से असली घी जैसा रंग और सुगंध दी गई थी।
गिरफ्तारियां: मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से तीन मुख्य आरोपी (दिल्ली के केमिकल सप्लायर और TTD के पूर्व अधिकारी) फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
यह जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित की गई थी ताकि देश के इस सबसे प्रतिष्ठित मंदिर की आस्था और गुणवत्ता से हुए खिलवाड़ की निष्पक्ष जांच हो सके।
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