रुद्रपुर/जसपुर (ऊधम सिंह नगर):
जनपद में लिंग अनुपात में सुधार और अवैध लिंग जांच पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. के.के. अग्रवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को जसपुर क्षेत्र में संचालित 08 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान मानकों में कमी पाए जाने पर 03 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण टीम और कार्यवाही:
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. धीरेन्द्र मोहन गहलोत और पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर प्रदीप मेहर की टीम ने सबसे पहले सीएचसी जसपुर स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र की जांच की। यहाँ पाया गया कि रेडियोलॉजिस्ट केवल सप्ताह में एक दिन ही सेवाएं दे रहे हैं, जिससे मरीजों को असुविधा हो रही है।
इसके बाद टीम ने निजी अस्पतालों और केंद्रों की जांच की, जिनमें प्रमुख रूप से:
- गर्ग अल्ट्रासाउंड सेंटर
- उर्मिला नर्सिंग होम
- अरिहंत हॉस्पिटल
- गहलोत नर्सिंग होम
- किलकारी हॉस्पिटल
- परी हॉस्पिटल और एक नया केंद्र शामिल रहा।
03 केंद्रों को चेतावनी:
निरीक्षण के दौरान 05 केंद्रों पर पीसी-पीएनडीटी अधिनियम 1994 के प्रावधानों, फॉर्म-एफ के रखरखाव और उपकरणों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, 03 केंद्रों में रजिस्टर अपडेट न होने और अभिलेखों में अन्य खामियां मिलने पर उन्हें 07 कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का नोटिस दिया गया है।
बॉर्डर पर बढ़ेगी चौकसी:
CMO डॉ. के.के. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जनपद में लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जसपुर क्षेत्र की सीमा दूसरे राज्यों (उत्तर प्रदेश) से लगती है, इसलिए सीमावर्ती जनपदों के साथ मिलकर जल्द ही संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।