केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश को घुसपैठियों से मुक्त कराना कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि केंद्र की मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि एक-एक घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें भारत की भूमि से बाहर किया जाएगा और इस दिशा में ठोस कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

अररिया में कार्यक्रम और सीमा सुदृढ़ीकरण

अमित शाह ने बिहार के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ के उद्घाटन तथा सशस्त्र सीमा बल के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 18 में से 14 खंडों का कार्य पूरा हो चुका है और शेष चार खंडों में काम तेजी से चल रहा है।

सीमा सुरक्षा और निगरानी पर जोर

उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना पूरी होने से सीमा पर निगरानी क्षमता बढ़ेगी और नागरिकों की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। विकास योजनाओं को अंतिम सीमा तक पहुंचाने में भी इससे मदद मिलेगी। गृह मंत्री ने सशस्त्र सीमा बल की सराहना करते हुए कहा कि मित्र देश के साथ लगी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना आवश्यक है।

सूचना तंत्र और सीमांत गांवों की भूमिका

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल के जवानों और अधिकारियों से सीमांत गांवों के साथ बेहतर संवाद और संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि समय पर सटीक सूचनाएं मिल सकें और देशविरोधी तत्वों की घुसपैठ रोकी जा सके।

अवैध अतिक्रमण और अभियान

गृह मंत्री ने कहा कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद अवैध अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार हैं, और सीमांचल क्षेत्र में यह अभियान जल्द शुरू किया जाएगा।

घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौती

अमित शाह ने कहा कि घुसपैठिए केवल चुनाव को प्रभावित नहीं करते, बल्कि गरीबों के राशन, युवाओं के रोजगार और राष्ट्र की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने सीमांचल की जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को जनभागीदारी से ही सफलता मिलेगी।

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