पीलीभीत। थाना पूरनपुर पुलिस ने क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज जानलेवा हमले की घटना का सफल अनावरण करते हुए ग्रंथी की पत्नी सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। प्रेम प्रसंग के चलते पति को रास्ते से हटाने के लिए रची गई इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) डॉ. प्रतीक दहिया ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना का विवरण साझा किया।
घटनाक्रम के अनुसार, शाहजहांपुर के थाना खुटार निवासी हरविंदर सिंह पिछले तीन वर्षों से ग्राम रम्पुरा कोन (पूरनपुर) स्थित गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी के रूप में सेवा दे रहे थे। बीते 01 मार्च 2026 की शाम, जब वे कढेर चौराहे से वापस लौट रहे थे, तब नदा वाली पुलिया के पास अज्ञात हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस संबंध में उनकी पत्नी गुरजीत कौर ने ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने जब मामले की गहन विवेचना की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त कुलदीप सिंह उर्फ सोनी ने कुबूल किया कि उसका ग्रंथी के घर आना-जाना था, जिसके दौरान ग्रंथी की पत्नी गुरजीत कौर से उसका प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। हरविंदर सिंह को इस बात की भनक लग गई थी और उसने अपनी पत्नी को टोकना शुरू कर दिया था। इसी बाधा को दूर करने के लिए गुरजीत कौर और कुलदीप ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। साजिश के तहत 01 मार्च को गुरजीत ने अपने पति को सामान लेने के बहाने कढेर चौराहे भेजा और इसकी जानकारी तुरंत प्रेमी कुलदीप को दे दी।
योजनानुसार, कुलदीप सिंह ने अपने साथी राकेश के साथ मिलकर नदहा पुलिया के पास लोहे के ‘बरमे’ (गड्ढा खोदने वाला औजार) से हरविंदर पर ताबड़तोड़ वार किए और उन्हें मरा हुआ समझकर वहां से फरार हो गए। घायल ग्रंथी वर्तमान में बरेली के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने शनिवार, 07 मार्च 2026 को घेराबंदी कर कुलदीप, उसके साथी राकेश और साजिशकर्ता पत्नी गुरजीत कौर को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का बरमा भी बरामद कर लिया गया है।