गोंडा। इंडियन बैंक की प्रधान शाखा में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर 69 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला गोंडा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है, जिससे बैंकिंग जगत में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बैंक के सचिव की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में फर्जीवाड़ा और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बीएनएस की धारा 173(4) के तहत फोर्जरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में पिछले 23 वर्षों के दौरान शाखा में तैनात रहे विभिन्न शाखा प्रबंधकों के नाम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा कैशियर, हेड कैशियर, पोस्ट अधिकारी और क्लर्क स्तर के कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
जांच के दौरान घोटाले की रकम लगातार बढ़ती गई। शुरुआती जांच में करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई थी, जो अब बढ़कर लगभग 4 करोड़ 90 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, बैंक के तत्कालीन सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है, हालांकि फिलहाल उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने में जुटी हैं।
पुलिस और बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला जिले के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जा रहा है।