रुद्रपुर। ग्राम खाईखेड़ा में नाले और खेतों की आड़ में चल रहे अवैध कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की। जिला आबकारी अधिकारी ऊधमसिंहनगर महेंद्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी टीम ने अचानक दबिश देकर नाले में संचालित दो अवैध शराब की भट्टियों को ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान मौके पर शराब बनाने के लिए तैयार किया गया करीब 12 हजार किलोग्राम लहन बरामद हुआ। आबकारी टीम ने लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके बाद भट्टियों के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से करीब 80 लीटर तैयार कच्ची शराब बरामद हुई।

टीम ने सड़क किनारे खेतों की भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान खेतों में छिपाकर रखी गई करीब 90 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। इस तरह कार्रवाई के दौरान कुल 170 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की गई।

जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, बरामदगी और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर अवैध शराब के इस कारोबार से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, उप आबकारी निरीक्षक असीस सिद्दीकी, प्रधान आबकारी सिपाही कैलाश भट्ट तथा आबकारी सिपाही कृष्ण चंद्र, सुमन आर्या और नैनिका राणा शामिल रहे।

इन्सेट: लगातार कार्रवाई के बावजूद माफिया तक पहुंचना चुनौती

रुद्रपुर। जिला आबकारी अधिकारी ऊधमसिंहनगर महेंद्र सिंह बिष्ट के कार्यभार संभालने के बाद विभाग की ओर से जनपद में अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है। विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान कई अवैध शराब की भट्टियां ध्वस्त की गईं, बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की गई और मौके पर मिले लहन को नष्ट किया गया।

विभागीय कार्रवाई की सराहना करते हुए आबकारी आयुक्त उत्तराखंड की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, लगातार छापेमारी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों तक पहुंचना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कई मामलों में आबकारी टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही शराब कारोबार से जुड़े लोग वहां से फरार हो जाते हैं। कुछ लोगों द्वारा इसमें विभागीय स्तर पर संभावित सूचना लीक किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इस तरह की किसी मिलीभगत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी तरह, छापेमारी के दौरान बरामद होने वाले लहन और तैयार शराब की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लहन की मात्रा के अनुपात में तैयार शराब की बरामदगी कितनी होती है और बरामद शराब का रिकॉर्ड किस तरह रखा जाता है, इसे लेकर भी पारदर्शिता की मांग उठ सकती है। इन सवालों का वास्तविक जवाब विभागीय रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi