सितारगंज। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को उप जिला अस्पताल, सितारगंज में न्यूनतम वेतनमान, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पेंशन और नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया।
इस दौरान यूनियन ने सीएम धामी को संबोधित एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। साथ ही, मांगों पर अमल न करने पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि आशा कार्यकर्ता लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह दिन-रात मातृ एवं शिशु सुरक्षा सहित स्वास्थ्य विभाग के अभियानों को सफल बनाने में जुटी है। लेकिन, उन्हें उनके काम के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है।
31 अगस्त 2021 को खटीमा में सीएम ने आशाओं के नियमितीकरण सहित उनकी मांगों को प्राथमिकता से पूरा करने का आश्वासन दिया था। डीजी हेल्थ ने आशाओं का मानदेय 11,500 रुपये किए जाने के संबंध में प्रस्ताव भी बनाया गया था, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की नियमित कर्मचारियों की तरह सेवाएं दे रही हैं। उन्हें न्यूनतम वेतन के साथ कर्मचारी का दर्जा और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए।
चेतावनी दी कि यदि आशाओं को न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, नियमितीकरण और पेंशन सहित उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे।