रूद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के सरकारी स्कूलों में लापरवाही और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) हरेन्द्र कुमार मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के तीन अलग-अलग स्कूलों में औचक निरीक्षण और मिली शिकायतों के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत काशीपुर के एक पीएम श्री विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित सभी संबंधित शिक्षकों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है, जबकि दो अन्य स्कूलों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा की गई इस कड़ी कार्रवाई का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:

1. पीएम श्री विद्यालय बांसखेड़ा (काशीपुर): प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों का वेतन रोका
बांसखेड़ा स्थित पीएम श्री विद्यालय का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में स्कूल में क्लास चलने के समय छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने के बजाय विद्यालय परिसर में खुलेआम घूमते हुए दिखाई दे रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट संतोषजनक न पाए जाने पर सीईओ ने प्रधानाचार्य और संबंधित शिक्षकों की घोर लापरवाही मानते हुए अगले आदेश तक उनका वेतन रोकने (Salary Hold) के निर्देश जारी कर दिए हैं।

2. राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिसौना (सितारगंज): शिक्षकों से 3 दिन में मांगा जवाब
सितारगंज के सिसौना स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। यहाँ स्कूल के शिक्षक बिना अटेंडेंस रजिस्टर (उपस्थिति पंजिका) में अपनी उपस्थिति दर्ज किए ही जनगणना के कार्य में लगे हुए पाए गए। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है और संबंधित शिक्षकों को 3 कार्यदिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम दिया है।

3. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (राउप्रावि) ड्योढ़ी: प्रभारी को चेतावनी
ड्योढ़ी स्कूल के निरीक्षण में भी व्यापक स्तर पर अनियमितताएं और कमियां पाई गईं। यहाँ शिकायत मिली थी कि शिक्षक बिना किसी सक्षम अनुमति के स्कूल टाइमिंग के दौरान बाहर चले जाते हैं। इसके अलावा स्टाफ पंजिका (रजिस्टर) और अन्य जरूरी सरकारी अभिलेख (डॉक्यूमेंट्स) अधूरे पाए गए। स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का भी सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा था। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को 5 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसी लापरवाही मिलने पर सीधे कठोर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र कुमार मिश्रा ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस औचक निरीक्षण और ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के शिक्षा महकमे और लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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