तेहरान: मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने एक बड़ी राहत भरी खबर साझा की है। संगठन के उप प्रमुख मोहम्मद रज़ा करदान ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि हाल ही में क्षतिग्रस्त हुए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से देश की नागरिक आबादी को किसी भी तरह का विकिरण (Radiation) संबंधी खतरा नहीं है।

विशेषज्ञों की टीम कर रही है जांच

रज़ा करदान ने बताया कि हमले के तुरंत बाद विकिरण सुरक्षा विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है। यह टीम स्थिति का गहन आकलन कर रही है ताकि किसी भी संभावित सूक्ष्म नुकसान या रिसाव की पहचान की जा सके। फिलहाल शुरुआती जांच में सब कुछ नियंत्रण में पाया गया है।

इन ठिकानों पर हुआ हमला

ईरानी संगठन के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल ने दक्षिणी ईरान में स्थित महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। इसमें शामिल हैं:

  1. यूरेनियम सांद्रण उत्पादन संयंत्र ‘येलोकेक’
  2. बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र

कामकाज पर नहीं पड़ा कोई असर

राहत की बात यह है कि इस सैन्य हमले में किसी भी कर्मचारी या वैज्ञानिक के हताहत होने की खबर नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे को आंशिक नुकसान के बावजूद दोनों संयंत्र सामान्य रूप से कार्यरत हैं। सुरक्षा मानकों को और कड़ा कर दिया गया है ताकि परिचालन में कोई बाधा न आए।

बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव

परमाणु ठिकानों पर सीधे हमले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इससे भविष्य में परमाणु त्रासदी का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।

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