आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा यूनिवर्सिटी) से जालसाजी और भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड सत्र 2008-09 के परीक्षा परिणाम (अंक चार्ट) में बड़े पैमाने पर हेरफेर करने के मामले में त्वरित और कड़ा एक्शन लिया है। विश्वविद्यालय के चार्ट रूम की गोपनीयता भंग करने और रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोपों में प्रधान सहायक व सत्यापन प्रभारी शिव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

5 लाख रुपये लेकर मूल प्रति (चार्ट) के पन्ने बदले
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बीएड सत्र 2008-09 के परीक्षा परिणामों से जुड़ा हुआ है। आरोपी प्रधान सहायक पर आरोप है कि उसने एक अनुचित लाभ कमाने की नीयत से 5 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत ली। इसके बाद उसने यूनिवर्सिटी के अति-सुरक्षित चार्ट रूम में रखी मूल प्रति (ओरिजिनल मार्क्स चार्ट) के पन्ने ही बदल दिए। इस हेरफेर का मुख्य उद्देश्य एक कम अंक पाने वाले छात्र के नंबरों को अवैध रूप से बढ़ाकर उसे पास या अच्छे अंकों से उत्तीर्ण दिखाना था।

जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद कुलपति का बड़ा फैसला
विश्वविद्यालय में अंक चार्ट के सत्यापन (Verification) के दौरान इस गंभीर गड़बड़ी का शक हुआ था। मामले की आंतरिक जांच बैठाने पर यह साफ हो गया कि चार्ट रूम के प्रभारी और मुख्य सहायक शिव सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद उच्चाधिकारियों और कुलपति के निर्देश पर सत्यापन प्रभारी शिव सिंह को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए गए।

पूरे सिंडिकेट की जांच करेगी पुलिस
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विभागीय कार्रवाई के साथ ही मामले की गहराई से जांच करने के संकेत दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यूनिवर्सिटी के भीतर ऐसा करने वाला एक पूरा सिंडिकेट (गैंग) सक्रिय हो सकता है, जिसने पूर्व में भी कई डिग्रियों और अंकपत्रों में हेरफेर किया हो। पुलिस और उच्च स्तरीय जांच टीमें अब आरोपी के कार्यकाल के दौरान सत्यापित किए गए अन्य संदेहास्पद परीक्षा परिणामों की भी स्क्रूटनी करने की तैयारी में हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi