नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस पूरे प्रकरण को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए पायलट ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
22 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल
सचिन पायलट ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के 22 लाख से अधिक प्रतिभावान छात्रों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से परीक्षा में धांधली की बातें सामने आ रही हैं, उसने छात्रों और उनके परिवारों के भरोसे को तोड़ दिया है। सरकार जांच के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।”
पायलट की प्रमुख मांगें:
- जवाबदेही तय हो: पायलट ने मांग की है कि सरकार केवल जांच का आश्वासन न दे, बल्कि उच्च स्तर पर जवाबदेही तय करे।
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
- कांग्रेस का साथ: पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
सरकार पर ‘भागने’ का आरोप
पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक होना व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब युवाओं का भविष्य दांव पर हो, तब सरकार सख्त कदम उठाने के बजाय केवल लीपापोती करने में क्यों जुटी है?
पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति
सचिन पायलट ने उन लाखों माता-पिता और छात्रों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने सालों तक इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।