नई दिल्ली/लंदन। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। स्टील किंग के नाम से मशहूर दुनिया के दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल (L.N. Mittal) अब क्रिकेट के मैदान पर उतर आए हैं। मित्तल परिवार ने राजस्थान रॉयल्स (RR) फ्रेंचाइजी में बहुमत हिस्सेदारी (75%) खरीदने के लिए 1.65 अरब डॉलर (करीब 15,660 करोड़ रुपये) का समझौता किया है।
अदार पूनावाला भी रेस में शामिल
इस महा-सौदे में केवल मित्तल परिवार ही नहीं, बल्कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला भी शामिल हैं। नई स्वामित्व संरचना (Ownership Structure) के अनुसार:
- मित्तल परिवार: 75% हिस्सेदारी (मुख्य मालिक)
- अदार पूनावाला: 18% हिस्सेदारी
- मनोज बदाले (मौजूदा मालिक): शेष हिस्सेदारी के साथ मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।
सिर्फ भारत ही नहीं, ग्लोबल ब्रांड पर कब्जा
यह सौदा केवल आईपीएल टीम तक सीमित नहीं है। इस अधिग्रहण के साथ मित्तल परिवार को राजस्थान रॉयल्स के वैश्विक पोर्टफोलियो का मालिकाना हक भी मिल गया है, जिसमें शामिल हैं:
- पार्ल रॉयल्स (Paarl Royals): दक्षिण अफ्रीका टी20 लीग की टीम।
- बारबाडोस रॉयल्स (Barbados Royals): कैरिबियन प्रीमियर लीग (CPL) की टीम।
अपनी ‘जड़ों’ की ओर लौटे मित्तल
लक्ष्मी मित्तल का जन्म राजस्थान के सादुलपुर में हुआ था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश के पीछे व्यावसायिक लाभ के साथ-साथ अपनी मातृभूमि (राजस्थान) से जुड़ने का भावनात्मक लगाव भी एक बड़ी वजह है। यह डील आईपीएल के बढ़ते मार्केट वैल्यूएशन का सबसे बड़ा सबूत है।
BCCI की मंजूरी का इंतजार
यह सौदा 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसे अंतिम रूप देने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और अन्य नियामक निकायों की औपचारिक मंजूरी मिलना अभी बाकी है।