नई दिल्ली | केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए अपने ही एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी अधिकारी पर महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के एक डिस्पैच अधिकारी से लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम:

  • आरोपी: भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा एएसआई सीबीआई की ही एक शाखा में तैनात है।
  • शिकायतकर्ता: पीड़ित अधिकारी ओडिशा स्थित MCL की गरजनभाल कोयला खदान में ‘डिस्पैच अधिकारी’ के पद पर तैनात है, जो कोयले की रवानगी और परिवहन की जिम्मेदारी संभालता है।
  • रंगदारी का मामला: अधिकारियों के अनुसार, एएसआई ने डिस्पैच अधिकारी को डरा-धमकाकर उससे लाखों रुपये की अवैध मांग की और वसूली की।

CBI की कार्रवाई:
सीबीआई को जैसे ही अपने कर्मचारी की संलिप्तता की जानकारी मिली, विभाग ने आंतरिक जांच के बाद शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि विभाग के भीतर किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिस्पैच अधिकारी की भूमिका:
कोयला खदानों में डिस्पैच अधिकारी की भूमिका अत्यंत संवेदनशील होती है, क्योंकि उन पर माल के परिवहन और वितरण की पूरी जिम्मेदारी होती है। इसी पद का लाभ उठाकर या डर दिखाकर एएसआई ने अवैध वसूली का ताना-बाना बुना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *