तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। एआईएडीएमके में हुई बगावत के बाद विजय सरकार को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला और सरकार ने आराम से बहुमत साबित कर दिया।
विश्वास मत के दौरान विजय सरकार को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि 22 विधायकों ने विरोध में मतदान किया। वहीं डीएमके ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया और पांच विधायक सदन से अनुपस्थित रहे।
बताया जा रहा है कि विजय सरकार के पास पहले से 121 विधायकों का समर्थन था, लेकिन एआईएडीएमके के 25 बागी विधायकों के समर्थन के बाद यह संख्या बढ़कर 144 पहुंच गई। एआईएडीएमके नेता शनमुगम के रुख ने भी विजय सरकार की मुश्किलें काफी हद तक कम कर दीं।
विधानसभा की कार्यवाही सुबह 9:30 बजे शुरू हुई, जहां मुख्यमंत्री विजय ने सदन का विश्वास हासिल करने के लिए प्रस्ताव पेश किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संक्षिप्त बहस के बाद मतदान कराया गया।
विश्वास मत में पलानीस्वामी के खेमे को बड़ा झटका लगा और उनके साथ केवल 17 विधायक ही बचे। वहीं विजय सरकार को टीवीके के 107, कांग्रेस के 5, सीपीआई के 2, सीपीएम के 2, आईयूएमएल के 2 और वीसीके के विधायकों का समर्थन मिला।
इस बीच, एएमएमके विधायक कामराज ने भी विजय सरकार को समर्थन देने की घोषणा की। हालांकि मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुपत्तूर से टीवीके विधायक श्रीनिवास सेतुपति को विश्वास मत में भाग लेने से रोक दिया था, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने आसानी से बहुमत साबित कर दिया।