बिजनौर | उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला जेल में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सोमवार को शहर में भारी बवाल खड़ा हो गया। जिला जेल प्रशासन के दावों को सिरे से खारिज करते हुए मृतक कैदी के गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव फैल गया है।
जजी चौक पर शव रखकर प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
कैदी की मौत की खबर मिलते ही मृतक दीपक के दर्जनों परिजन और स्थानीय ग्रामीण बिजनौर कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जजी चौक पर इकट्ठा हो गए। इंसाफ की मांग को लेकर गुस्साए लोगों ने चौराहे के बीचों-बीच जाम लगा दिया। सड़क ब्लॉक होने की वजह से पल भर में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारी जेल प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।

हत्या बनाम आत्महत्या: दो बयानों में उलझा मामला
इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों के बयानों में सीधा टकराव देखने को मिल रहा है:
- परिजनों का आरोप: मृतक दीपक के परिवार वालों का साफ कहना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि जेल के भीतर दीपक की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। उन्होंने जेल स्टाफ पर प्रताड़ना और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।
- पुलिस का दावा: दूसरी तरफ, बिजनौर पुलिस और जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी दीपक ने जेल के भीतर आत्महत्या की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच सुसाइड की ओर इशारा करती है और मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, तनाव बरकरार
जजी चौक पर चक्का जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही बिजनौर कोतवाली पुलिस के साथ-साथ कई थानों की पुलिस फोर्स और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शन कर रहे परिजनों को समझाने-बुझाने और जाम खुलवाने के प्रयास में जुटे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी होगी। हालांकि, मौके पर अभी भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
