चेन्नई। तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालते ही राज्य की सियासत में तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। 10 मई 2026 को विजय के शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक (DMK) प्रमुख एम. के. स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए उन्हें बधाई दी, लेकिन इस बधाई के साथ ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री पर करारा राजनीतिक तंज भी कसा। स्टालिन ने लिखा कि वे विजय को मुख्यमंत्री पद की नई जिम्मेदारी संभालने के लिए बधाई देते हैं और पदभार ग्रहण करते ही उनके द्वारा लिए गए जनकल्याणकारी फैसलों का स्वागत करते हैं।
हालांकि, बधाई संदेश के ठीक बाद स्टालिन ने विजय सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए लिखा, “लेकिन तुरंत यह कहना शुरू मत कर दीजिएगा कि सरकार के पास पैसे नहीं हैं, क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त पैसा है। जरूरत सिर्फ उसे जनता तक पहुँचाने की इच्छाशक्ति और शासन चलाने की क्षमता की है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई प्रमुख सहयोगियों के पाला बदलकर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के समर्थन में जाने से स्टालिन और डीएमके खेमा बेहद नाराज चल रहा है। स्टालिन की यह सोशल मीडिया टिप्पणी उसी राजनीतिक कड़वाहट और नाराजगी का सीधा संकेत मानी जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सी. जोसेफ विजय ने अपनी चुनावी प्राथमिकताओं को लागू करते हुए पहली ही कैबिनेट बैठक में कई बड़े लोकलुभावन वादों पर मुहर लगा दी है। नए मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए विशेष सुरक्षा दस्ते के गठन और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए कड़े प्रशासनिक फैसलों का एलान किया है। इन्हीं घोषणाओं के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन के इस तीखे बयान ने राज्य में पक्ष और विपक्ष के बीच आगामी विधानसभा सत्र से पहले ही एक बड़ी सियासी जंग के संकेत दे दिए हैं।