कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत को देश की आंतरिक और सीमा सुरक्षा के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया है। कोलकाता में नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों को संबोधित करते हुए श्री शाह ने स्पष्ट किया कि राज्य में भाजपा सरकार का मुख्य उद्देश्य सीमाओं को अभेद्य बनाना और राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे बड़ी कमी को दूर करना है।
सीमा सुरक्षा पर बड़ा बयान
अमित शाह ने कहा, “अब असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल—तीनों सीमावर्ती राज्यों में भाजपा की सरकार होने से देश की सीमाएं पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित होंगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जीत केवल संगठन के विस्तार या विचारधारा की पुष्टि के लिए नहीं है, बल्कि इसका सीधा उद्देश्य भारत की सुरक्षा को सशक्त करना है। गृह मंत्री ने राज्य में घुसपैठ और गो-तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने का कड़ा संकल्प भी दोहराया।
तुष्टिकरण की राजनीति का अंत
पश्चिम बंगाल के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि जनता ने “तुष्टिकरण की राजनीति” को सिरे से नकार कर टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि बंगाल के लोगों ने विकास और राष्ट्रवाद के मार्ग को चुना है।
‘सोनार बांग्ला’ का आह्वान
गृह मंत्री ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अब पूरी निष्ठा के साथ “सोनार बांग्ला” के निर्माण में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें बड़ी उम्मीदों के साथ चुना है, इसलिए हमें उनकी हर आकांक्षा को पूरा करना है और बंगाल को फिर से देश का गौरव बनाना है।