सितारगंज: उत्तराखंड के सितारगंज और शक्तिफार्म क्षेत्र में उर्वरक (खाद) की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा यूरिया वितरण के लिए लागू किए गए नए ‘कोटा सिस्टम’ के विरोध में शुक्रवार को बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समितियों के संचालकों और भाजपा पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन ने वर्तमान में प्रति एकड़ केवल एक कट्टा अथवा अधिकतम पांच कट्टा यूरिया देने का प्रावधान किया है। सितारगंज क्षेत्र में अधिकांश किसान ‘दीर्घ जोत’ (बड़े खेत वाले) हैं, जिनकी जरूरत इस निर्धारित सीमा से कहीं ज्यादा है। इस पाबंदी के कारण किसानों के सामने फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है।
भाजपा पदाधिकारियों और किसानों की मांग
- शक्तिफार्म भाजपा मंडल: पदाधिकारियों ने प्रति एकड़ कम से कम तीन कट्टे और प्रति हेक्टेयर चार कट्टे यूरिया उपलब्ध कराने की पुरजोर वकालत की है।
- पुरानी व्यवस्था की मांग: किसान नेताओं ने मंत्री बहुगुणा से मांग की है कि वितरण व्यवस्था को पहले की तरह किया जाए, ताकि किसान अपनी आवश्यकतानुसार खाद प्राप्त कर सकें और कृषि कार्य प्रभावित न हो।
मौके पर मौजूद रहे दिग्गज
ज्ञापन सौंपने के दौरान ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, पालिकाध्यक्ष सुखदेव सिंह, मंडल अध्यक्ष गोविंद तालुकदार, संजय बाछाड़, कार्तिक राय और गुरलाल सिंह, के.पी मंडल सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।