रूद्रपुर। सिडकुल पंतनगर स्थित एक ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी द्वारा नैनीताल बैंक के साथ 77 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक में बंधक रखी गई करोड़ों की मशीनरी और प्लांट को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर थाना पंतनगर पुलिस ने कंपनी के तीन डायरेक्टरों के विरूद्व संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नैनीताल बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अपूर्व पाण्डेय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मैसर्स रूद्रा ऑटो टेक इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों विशाल सिंह,उनकी पत्नी स्वीटी सिंह (निवासी हल्द्वानी) और गीता शाह (निवासी अल्मोड़ा) ने बैंक की सिविल लाइन्स रूद्रपुर शाखा से समय-समय पर विभिन्न लोन खातों के माध्यम से लगभग 77 करोड़ 8 लाख रुपये का कर्ज लिया था। यह ऋण प्लांट, मशीनरी और कार्यशील पूंजी के लिए स्वीकृत किया गया था, जिसके बदले कंपनी की मशीनरी और स्टॉक बैंक के पास बंधक रखा गया था। तहरीर के अनुसार ऋण की किस्तें जमा न करने पर जनवरी 2019 में खाते एनपीए हो गए। बैंक ने वसूली के लिए सरफेसी एक्ट के तहत जिला मजिस्ट्रेट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में वाद दायर किया, जहां फैसला बैंक के पक्ष में आया। आदेशों के अनुपालन में जब 11 जून 2024 को बैंक प्रबंधक और आईआरपी की टीम सिडकुल स्थित प्लांट पर भौतिक कब्जा लेने पहुँची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए।बैंक के पास बंधक रखी गई करोड़ों की मशीनरी,प्लांट और स्टॉक मौके से गायब था।आरोप है कि तीनों डायरेक्टरों ने एक राय होकर आपराधिक षडड्ढंत्र के तहत बैंक की अनुमति के बिना बंधक संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर दिया और लोकधन का गबन कर बैंक को भारी वित्तीय क्षति पहुँचाई । पीड़ित बैंक प्रबंधक ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले में रिपोर्ट दर्ज न करने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी अब न्यायालय के आदेश पर पंतनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षडड्ढंत्र की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

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