रुद्रपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की 57वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को रुद्रपुर के हेड मास्टर निशान सिंह भवन में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद कामरेडों को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। बैठक में पार्टी नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर कड़ा प्रहार किया।
🔥 “नक्सलबाड़ी की ज्वाला से उपजी है पार्टी”
भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने पार्टी के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि माले, नक्सलबाड़ी किसान विद्रोह की उपज है। उन्होंने कहा कि शासक वर्ग ने बार-बार कम्युनिस्ट आंदोलन के खत्म होने की घोषणा की, लेकिन जनता की शक्ति और साहस के दम पर यह आंदोलन हर बार और मजबूती से उठ खड़ा हुआ है।
⚠️ महिला आरक्षण और लोकतंत्र पर प्रहार
पार्टी नेता अमनदीप कौर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा:
- संवैधानिक संकट: आज देश के मेहनतकश वर्ग को अपने सबसे मूलभूत अधिकार— ‘वोट की शक्ति’ के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
- महिला आरक्षण में ‘साजिश’: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से जोड़कर उसे लटकाने की साजिश रची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा इसे वास्तव में लागू करने की नहीं है।
🛠️ मजदूरों के हक में उठाई आवाज
बैठक में वक्ताओं ने नोएडा, मदरसन, आंगनवाड़ी और सिडकुल में चल रहे मजदूर आंदोलनों का पुरजोर समर्थन किया। पार्टी ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की हैं:
- सभी आंदोलित मजदूरों को सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- मजदूर आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
प्रमुख उपस्थिति:
स्थापना दिवस समारोह में ललित मटियाली, अमनदीप कौर के साथ ही अनिता अन्ना, ज्ञानी सुरेन सिंह, उत्तम दास, दर्शन सिंह, रंजन विश्वास, सत्यवीर सिंह, जगजीत कौर, नवजोत सिंह और प्रीति सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।