चाकुलिया/जमशेदपुर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित सुवर्णरेखा नदी के किनारे मिले 227 किलोग्राम (करीब 500 पाउंड) वजनी विशालकाय बम को भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय (Defuse) कर दिया है। सेना की बीडीडीएस (Bomb Disposal Squad) टीम और स्थानीय प्रशासन की सूझबूझ से एक बड़ा संभावित खतरा टल गया है।
🌍 द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा है इतिहास?
प्रारंभिक जांच और बम की बनावट को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का है। जानकारों के अनुसार, चाकुलिया में उस दौर में हवाई पट्टी थी, जहाँ अमेरिकी और ब्रिटिश सेना सक्रिय थी। यह बम दशकों से नदी के मलबे में दबा हुआ था, जो हाल ही में बाहर आया।
⚠️ दो दिनों तक चला हाई-वोल्टेज ऑपरेशन
बम की गंभीरता को देखते हुए सेना और जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया था।
- सुरक्षा घेरा: नदी के आसपास के गांवों को खाली कराकर दो दिनों तक तकनीकी जांच की गई।
- धमाका और राहत: बुधवार को सेना के विशेषज्ञों ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए एक नियंत्रित धमाके के साथ बम को डिफ्यूज किया। धमाके की गूँज दूर तक सुनी गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन की सराहना
इस सफल अभियान के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भारतीय सेना और जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी खुदाई या नदी किनारे ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु मिले, तो उसे छुएं नहीं और तुरंत सूचना दें।
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