नई दिल्ली (26 फरवरी 2026): राजधानी दिल्ली के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) ने युवाओं में तेजी से बढ़ते हृदय रोगों के प्रति एक गंभीर चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि अब 25 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं में भी दिल की बीमारियाँ आम हो गई हैं, जिसके लिए प्रारंभिक जांच (Early Screening) और निवारक हृदय परीक्षण (Preventive Heart Checkup) को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता है।

चौंकाने वाले आंकड़े: कैल्शियम स्कोरिंग में 85% का उछाल

‘महाजन इमेजिंग एंड लैब्स’ द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में हृदय संबंधी जांच कराने वालों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है:

  • कैल्शियम स्कोरिंग सीटी स्कैन: वर्ष 2024 से 2025 के बीच इस स्कैन को कराने वालों की संख्या में 85 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • उन्नत हृदय जांच: एडवांस हार्ट चेकअप (Advanced Heart Screening) की मांग में भी 36 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

क्या है कैल्शियम स्कोरिंग सीटी स्कैन?

डॉक्टरों के अनुसार, यह एक गैर-आक्रामक (Non-invasive) परीक्षण है जो हृदय की धमनियों में कैल्शियम (Plaque) के जमाव का पता लगाता है। इससे यह पता चलता है कि भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा कितना है। युवाओं में इसका बढ़ता स्कोर चिंता का विषय है।

डॉक्टरों की सलाह: क्यों बढ़ रहा है खतरा?

विशेषज्ञों ने युवाओं में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों के पीछे मुख्य रूप से खराब जीवनशैली, अत्यधिक तनाव (Stress), नींद की कमी और असंतुलित खान-पान को जिम्मेदार ठहराया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि:

  1. 30 की उम्र के बाद: साल में कम से कम एक बार प्रिवेंटिव हार्ट चेकअप जरूर कराएं।
  2. लक्षणों को न पहचानें: सीने में भारीपन, सांस फूलना या बेवजह थकान को नजरअंदाज न करें।
  3. निवारक उपाय: नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को जीवन का हिस्सा बनाएं।

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