​पीलीभीत। करीब नौ वर्ष पूर्व स्कूल जाती छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उसे धमकाने के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट त्रिभुवन नाथ पासवान ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद कानूनी गलियारों में हलचल रही।
​ अभियोजन कथानक के अनुसार, मामला थाना पूरनपुर क्षेत्र का है। पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उसकी पुत्री कस्बे के ही एक कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा थी। विद्यालय आते-जाते समय दो अज्ञात युवक उसे और उसकी सहेलियों को अक्सर परेशान करते थे। इसकी शिकायत पूर्व में भी की गई थी, लेकिन तब कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। 17 जनवरी 2017 को जब छात्रा साइकिल से स्कूल जा रही थी, तब सीमेंट रोड पर आरोपियों ने अपनी मोटरसाइकिल से उसकी साइकिल में टक्कर मार दी और छेड़छाड़ करते हुए उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपियों ने छात्रा से कहा कि “पुलिस में शिकायत की थी, अब अगर कहीं शिकायत की तो जीने लायक नहीं छोड़ेंगे।”
​पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद कस्बा पूरनपुर निवासी मोहम्मद फरमान उर्फ सोनू मंसूरी को दोषी पाया और उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक कुशकुमार वर्मा ने पीड़िता सहित कई महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया और कड़ी सजा की मांग की। हालांकि आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दलीलें पेश कीं, लेकिन न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए मोहम्मद फरमान को दोषी पाया। न्यायाधीश ने समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से आरोपी को तीन साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।

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