खटीमा/सितारगंज। सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पहल की है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को 57वीं वाहिनी एसएसबी की ओर से बन्महोलिया गांव में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 दिवसीय मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
57वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला जनजाति सेवा समिति, खटीमा की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल फोन की मरम्मत, तकनीकी खराबियों की पहचान, आवश्यक उपकरणों के इस्तेमाल और मोबाइल रिपेयरिंग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण से स्वरोजगार के अवसर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को ऐसा कौशल सीखने का अवसर मिलेगा, जिसका उपयोग वे अपना रोजगार शुरू करने में कर सकते हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू कर अपनी आजीविका अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इससे सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सीमावर्ती गांवों के विकास पर SSB का जोर
57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की ओर से भारत सरकार की मंशा के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक कल्याण और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध मजबूत करने के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देना है।
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों और प्रशिक्षणार्थियों ने इस पहल की सराहना की तथा सशस्त्र सीमा बल के प्रति आभार व्यक्त किया। मोबाइल रिपेयरिंग जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के नए विकल्प तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।