रुद्रपुर। शहर में मंगलवार को मांस-मछली दुकानों की बंदी का स्वागत तो हो रहा है लेकिन शराब की दुकानों और बड़े नॉनवेज चेन पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुब्रत कुमार विश्वास के नेतृत्व में समस्त सामाजिक संगठनों ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर नगर आयुक्त शिप्रा जोशी को ज्ञापन सौंपा जिसमें मंगलवार को अंग्रेजी-देसी शराब की दुकानें (भाटिया सहित), बीयर बार, केएफसी और बड़े नॉनवेज रेस्टोरेंट्स पर पूर्ण बंदी की मांग की गई है। संगठनों ने एक माह का अल्टीमेटम दिया है नहीं माने गए तो कार्यालय और ठेकों पर धरना-आंदोलन होगा। ज्ञापन में कहा गया धार्मिक कर्मकांडों में बाधा न पड़े, इसके लिए मीट बंद किया गया लेकिन शराब से तो बड़ा धर्मभ्रष्ट होता है। नशेड़ी मंदिरों के बाहर पड़े रहते हैं, भक्त आहत होते हैं। सच्चे हिंदूवादी संगठनों से विशेष आह्वान है कि केएफसी,बड़े बीयर-दारू बार और नॉनवेज रेस्टोरेंट्स पर ताला लगवाएं।ज्ञापन सौंपने वालों में समाज से जुड़े एडवोकेट संजय आजाद (भीम आर्मी), सुरेश भारती, दीपक कुमार (युवा अंबेडकर संगठन), संजय सरकार (युवा नेता), अभिमन्यु साना, दिनेश रवि, सोमपाल, जगन्नाथ मंडल, मोहम्मद अंसारी, जसपाल सिंह, रविंद्र सिंह और मोहम्मद असलम आदि उपस्थित थे। सभी ने हिंदूवादी संगठनों से सवाल किया कि क्या वे केवल छोटे व्यापारियों को निशाना बनाकर दिखावा कर रहे हैं? केएफसी बार और दारू के भट्टी को बंद करके दिखाएं तब तो माने कि हिंदूवादी संगठन सच में समाज का भला चाहते हैं।