नोएडा | उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा से साइबर ठगी का एक बेहद हैरान और डराने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शातिर साइबर अपराधियों ने एक महिला को घर बैठे करोड़ों रुपये कमाने के सुनहरे सपने दिखाए और फिर जालसाजी के चक्रव्यूह में फंसाकर उनसे 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों के खौफ और दबाव के आगे बेबस होकर महिला ने अपने घर का कीमती सोना (Gold) तक बैंक में गिरवी रख दिया और गोल्ड लोन लेकर अपराधियों के खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब ठगों ने अपनी जाली वेबसाइट बंद कर दी, तब जाकर पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ।

फर्जी वेबसाइट से निवेश कराकर पहले दिखाया मुनाफा

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, ठगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता से संपर्क साधा था। उन्होंने एक नामी और सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर महिला का रजिस्ट्रेशन करवाया। शुरुआत में महिला का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने छोटे निवेश पर बड़ा डिजिटल मुनाफा (प्रॉफिट) स्क्रीन पर दिखाया। इस मुनाफे को देखकर महिला उनके जाल में पूरी तरह फंस गई और बड़ा निवेश करने के लिए तैयार हो गई।

बिना अनुमति खरीदे 44 लाख के शेयर, फिर दिखाया जेल का डर

ठगी के इस खेल में असली मोड़ तब आया जब शातिर अपराधियों ने महिला की बिना किसी अनुमति और जानकारी के उसके जाली वॉलेट से 44 लाख रुपये के शेयर खरीद लिए। इसके बाद ठगों ने महिला पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह तुरंत 44 लाख रुपये की इस भारी-भरकम राशि का भुगतान करे। जब महिला ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो ठगों ने कानूनी कार्रवाई, पुलिस केस और जेल भेजने की गंभीर धमकियां देकर उसे बुरी तरह डरा दिया।

सोना गिरवी रखकर दिए 15 लाख, वेबसाइट बंद होते ही उड़ा होश

कानूनी पचड़े और जेल जाने के डर से घबराई महिला ने अपनी गाढ़ी कमाई बचाने के लिए एक आत्मघाती कदम उठाया। उसने आनन-फानन में अपने घर में रखा सोने का जेवर एक गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रख दिया। वहां से मिले 15 लाख रुपये महिला ने ठगों द्वारा दिए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद, जब महिला ने अपना अकाउंट चेक करने के लिए दोबारा लॉगिन करने का प्रयास किया, तो ठगों ने वह फर्जी वेबसाइट पूरी तरह बंद (क्रैश) कर दी थी।

नोएडा साइबर सेल ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

वेबसाइट बंद होने और सारे संपर्क नंबर ब्लॉक होने के बाद पीड़िता को समझ आया कि वह एक बहुत बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ और निवेश फ्रॉड का शिकार हो चुकी है। पीड़िता ने तुरंत नोएडा के साइबर क्राइम थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की विशेष टीम उन बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालने में जुटी है जहाँ ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी।


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