तेहरान/वाशिंगटन। खाड़ी क्षेत्र में सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी और ईरानी नौसेना के बीच एक बड़े सैन्य टकराव की खबर सामने आ रही है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ (Tasnim News Agency) की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इस गंभीर सैन्य झड़प और दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई सीधी गोलीबारी (Firing) के पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा की है। इस घटना के बाद मध्य-पूर्व (Middle East) में वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग पर सुरक्षा संकट और गहरा गया है।
ईरानी तेल टैंकर के इंजन रूम को पहुंचाया नुकसान
आईआरजीसी (IRGC) द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, इस हिंसक गोलीबारी की शुरुआत तब हुई जब अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के निकट अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी तेल टैंकर (Iranian Oil Tanker) को निशाना बनाते हुए उस पर अचानक हमला कर दिया। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना द्वारा किए गए इस आक्रामक हमले के कारण ईरानी तेल टैंकर के इंजन रूम (Engine Room) को भारी नुकसान पहुँचा, जिससे टैंकर समुद्र के बीच ही ठप हो गया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: अमेरिकी-इजरायली जहाज पर दागीं मिसाइलें
अपने तेल टैंकर पर हुए हमले के विरोध में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तत्काल और बेहद आक्रामक जवाबी कार्रवाई (Retaliation) का दावा किया है। आईआरजीसी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने और करारा जवाब देने के लिए उन्होंने अपनी उन्नत नौसैनिक मिसाइलों (Naval Missiles) का इस्तेमाल किया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी-इजरायली संयुक्त जहाज (US-Israeli Vessel) को टारगेट करते हुए उस पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
वैश्विक बाजार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस अचानक भड़के सैन्य टकराव की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषक और वैश्विक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं, क्योंकि दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल इसी जलमार्ग (होर्मुज स्ट्रेट) से होकर गुजरता है। फिलहाल इस मामले पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) या इजरायली रक्षा बलों (IDF) की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या नुकसान का विवरण सामने नहीं आया है। क्षेत्र में दोनों देशों के युद्धपोत आमने-सामने डटे हुए हैं और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।