पुणे। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 150वें बैच की पासिंग आउट परेड की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बल उच्च स्तर की सतर्कता (हाई अलर्ट) पर हैं। उन्होंने देश की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को आगाह करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो हमारी सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार है।
उकसावे का सटीक जवाब देने में सक्षम है भारत
कैडेटों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने पूर्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया [2026-05-30]। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि भारत किसी भी तरह के उकसावे का सटीक रणनीति, दृढ़ संकल्प और पूरी ताकत के साथ करारा जवाब देने की बेजोड़ क्षमता रखता है। उन्होंने पास आउट होने वाले नए कैडेटों से आह्वान किया कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यावसायिकता (Professionalism), नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के उच्चतम मानकों को हमेशा बनाए रखें।
महिला कैडेट्स के प्रदर्शन की सराहना
समारोह के दौरान सेना प्रमुख ने इस ऐतिहासिक पाठ्यक्रम से उत्तीर्ण होने वाली महिला कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने एक बहुत बड़ा संदेश देते हुए कहा कि साहस, अटूट दृढ़ संकल्प और सैन्य उत्कृष्टता (Military Excellence) जैसे गुण किसी लिंग (Gender) के मोहताज नहीं होते, ये लिंगभेद रहित गुण हैं।
353 कैडेट्स हुए पास आउट, मुख्य अतिथि रहीं डॉ. किरण बेदी
इस बीच, 150वें एनडीए पाठ्यक्रम के दीक्षांत समारोह के मुख्य कार्यक्रम में पुद्दुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और देश की प्रख्यात समाज सुधारक डॉ. किरण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस भव्य दीक्षांत समारोह के साथ ही राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से कुल 353 कैडेटों ने स्नातक (Graduation) की उपाधि प्राप्त की। विशेष बात यह रही कि इस गौरवशाली बैच में भारत के मित्र विदेशी देशों के 21 कैडेटों को भी डिग्रियां प्रदान की गईं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के मजबूत सैन्य संबंधों को दर्शाती हैं।