फ्लोरिडा (अमेरिका)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के मून मिशन की तैयारियों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस की निजी स्पेस कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ (Blue Origin) का 29 मंजिला विशालकाय ‘न्यू ग्लेन हेवी-लिफ्ट’ रॉकेट जमीनी परीक्षण के दौरान एक भीषण विस्फोट का शिकार हो गया है। फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित लॉन्च पैड पर चल रहे ‘हॉटफायर टेस्ट’ (इंजन परीक्षण) के दौरान यह भयानक हादसा हुआ।
लाइव कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर
यह पूरी घटना लाइव प्रसारण (Live Streaming) के दौरान कैमरों में कैद हो गई। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि रॉकेट को लॉन्च पैड पर रोककर जैसे ही उसके शक्तिशाली इंजनों को चालू किया गया, तभी अचानक रॉकेट के निचले हिस्से (इंजन बेस) में एक तेज और अजीब रोशनी चमकी। इसके ठीक अगले ही सेकंड एक गगनभेदी धमाका हुआ और पूरा रॉकेट आग की विशाल लपटों और काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गया।
ब्लू ओरिजिन का बयान: बाल-बाल बचे वैज्ञानिक और कर्मचारी
हादसे के तुरंत बाद कंपनी ने रॉकेट परीक्षण के दौरान हुई इस भारी चूक की पुष्टि की। ब्लू ओरिजिन ने इसे एक ‘असामान्य घटना’ (Anomaly) करार देते हुए कहा, “आज के हॉटफायर टेस्ट के दौरान हमें एक बड़ी तकनीकी विफलता का सामना करना पड़ा। अच्छी बात यह है कि लॉन्च पैड और कंट्रोल रूम में मौजूद हमारे सभी वैज्ञानिक और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं।” कंपनी ने कहा कि वे इस विफलता के कारणों का पता लगाने के लिए डेटा की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
नासा के स्पेस मिशन को लग सकता है बड़ा झटका
इस रॉकेट को अमेज़न के इंटरनेट सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में ले जाने और नासा के महत्वाकांक्षी ‘आर्टेमिस’ चंद्र मिशन (Artemis Moon Program) के तहत तैयार किया जा रहा था。 गनीमत रही कि परीक्षण के दौरान रॉकेट पर महंगे सैटेलाइट्स लोड नहीं थे, जिससे एक बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान टल गया। हालांकि, इस विनाशकारी विस्फोट के बाद ब्लू ओरिजिन के आगामी अंतरिक्ष प्रोजेक्ट्स और नासा के अभियानों में महीनों की देरी होने की आशंका जताई जा रही है।