श्रीनगर/गुलमर्ग। जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग से एक बेहद सांसें रोक देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मशहूर गोंडोला रोपवे (Gulmarg Gondola) में अचानक आई एक गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हवा में लटके केबिनों के भीतर 300 से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक फंस गए। इस आपातकालीन और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जांबाजों ने करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी 300 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश दिए हैं।
आसमान में अटकीं 65 केबिनें, पर्यटकों की थमीं सांसें
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुलमर्ग में सोमवार को मौसम सामान्य था और बड़ी संख्या में सैलानी गोंडोला रोपवे के जरिए बर्फबारी और वादियों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान रोपवे के सिस्टम में अचानक एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई, जिससे पूरा संचालन ठप हो गया। इसके चलते अलग-अलग केबल्स पर चल रही करीब 65 केबिनें (ट्रॉलियां) आसमान में जहां की तहां रुक गईं। जमीन से सैकड़ों फीट की ऊंचाई पर हवा में लटकी इन केबिनों के भीतर बच्चों और महिलाओं समेत 300 से अधिक पर्यटक कैद हो गए। कई घंटों तक हवा में फंसे रहने के कारण पर्यटकों और उनके परिजनों के बीच भारी घबराहट और चीख-पुकार मच गई।
सेना, NDRF और पुलिस का संयुक्त मोर्चा, 7 घंटे चला महा-रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही कश्मीर घाटी में हड़कंप मच गया। बिना कोई वक्त गंवाए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा अनुक्रिया बल (SDRF) के साथ भारतीय सेना के विशेष पर्वतारोही जवानों और स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाला। बेहद जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों, रस्सियों और सीढ़ियों की मदद से हवा में लटकी एक-एक केबिन तक पहुंच बनाई। करीब 7 घंटे तक चले इस अत्यंत साहसिक और थका देने वाले ऑपरेशन के बाद सभी 300 से अधिक फंसे हुए पर्यटकों को बिना किसी नुकसान के पूरी तरह सुरक्षित जमीन पर उतार लिया गया। सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद सैलानियों ने राहत की सांस ली और सुरक्षा बलों के जांबाजों का आभार जताया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सख्त, दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस बड़ी लापरवाही और सुरक्षा में चूक पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा संज्ञान लिया है। उन्होंने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना, एनडीआरएफ और पुलिस के जांबाजों की जमकर सराहना की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग और केबल कार कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इस पूरी घटना के पीछे के तकनीकी और प्रशासनिक कारणों की समयबद्ध उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि घाटी में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व मेंटेनेंस टीम के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।