सितारगंज। उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज अंतर्गत सुप्रिया कॉलोनी से एक बेहद हृदयविदारक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी स्कूल की महिला शिक्षिका ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ गटक लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पारिवारिक विवाद सहित सभी संभावित कोणों से मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
निजी अस्पताल से रुद्रपुर रेफर करने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितारगंज की सुप्रिया कॉलोनी की रहने वाली 40 वर्षीय स्नेहा अग्रवाल ने शुक्रवार को अज्ञात कारणों के चलते अपने मायके में जहर खा लिया। जब परिजनों को इसकी भनक लगी और स्नेहा की तबीयत बिगड़ने लगी, तो घर में कोहराम मच गया। परिजन उन्हें तत्काल सितारगंज के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रुद्रपुर के उच्च केंद्र (Higher Center) के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, रुद्रपुर ले जाते समय रास्ते में ही स्नेहा की सांसे थम गईं, जिसके बाद बदहवास परिजन शव को वापस उप जिला अस्पताल सितारगंज लेकर आए।
25 दिन पहले हुई थी राजस्थान के युवक से दूसरी शादी, शिक्षिका थीं मृतका
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में मृतका की निजी जिंदगी से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने बताया कि स्नेहा की पहली शादी साल 2011 में हुई थी, जिससे उनका एक 15 साल का बेटा भी है। करीब ढाई साल पहले उनका अपने पहले पति से तलाक हो गया था, जिसके बाद से वे अपने मायके में रहकर सितारगंज के ही एक निजी स्कूल में बतौर शिक्षिका (Teacher) बच्चों को पढ़ा रही थीं। अभी महज 25 दिन पहले ही स्नेहा की दूसरी शादी राजगढ़ (चूरू, राजस्थान) के रहने वाले मुकेश अग्रवाल से हुई थी। शादी के बाद वे करीब चार-पांच दिन पहले ही वापस अपने मायके सुप्रिया कॉलोनी आई थीं, जहां उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नायब तहसीलदार नरेंद्र गहतोड़ी ने अस्पताल पहुंचकर अपनी देखरेख में शव के पंचनामे की वैधानिक कार्रवाई पूरी कराई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा मोर्चरी भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी (CO) बी.एस. धौनी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सभी शुरुआती कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। विवाहिता ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों और मानसिक तनाव में आकर उठाया, इसकी असल वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी, फिलहाल मायके और ससुराल दोनों पक्षों से पूछताछ कर जांच की जा रही है।